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इतिहास (वैकल्पिक-विषय)

फीस –  30,000/-

पंजीकरण –  10,000/-

 

 

सिविल सेवा परीक्षा में हमेशा से ही इतिहास एक लोकप्रिय वैकल्पिक विषय रहा है। इस विषय की महत्वपूर्ण विशेषता इस विषय का पाठ्यक्रम है। इस विषय का पाठ्यक्रम विद्यार्थी को उत्प्रेरित करता है कि वह विषय को क्रमबद्ध, सुनियोजित तरीके से पढ़े।

इतिहास विषय के साथ सबसे बड़ी भ्रांति यह रही है कि यह एक बड़ा विषय है और इसका पाठ्यक्रम काफी विकसित है। यह कुछ हद तक सही है, परंतु छात्र वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पूरे पाठ्यक्रम को रुचिकर बना सकता है। इस विषय की एक महत्वपूर्ण विशेषता है कि अन्य विषयों की तरह इसमें नये तथ्यों या समसमायिकी घटनाओं का कोई योगदान नहीं है। इस कारण से यदि इतिहास का पाठ्यक्रम अगर एक बार समाप्त हो जाता है, तो छात्र को अच्छे अंक लाने के लिए सिर्फ पाठ्यक्रम का अभ्यास जरूरी है।

इतिहास का विषय वस्तु अत्यधिक रुचिकर है। इतिहास विषय हमें प्राचीन भारत की सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर वर्तमान के ैउंतज ब्पजल की संकल्पना का अवबोध कराता है। इस विषय की प्रमुख विशेषता है कि यह हमारे अतीत को वर्तमान से जोड़ता है। इस विषय का विद्यार्थी वर्तमान के हर घटनाक्रम को बेहतर तरीके से समझ सकता है।

इतिहास एक वैकल्पिक विषय के रूप में प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा दोनों में अति प्रासंगिक है। प्रारंभिक परीक्षा के सामान्य अध्ययन के प्रश्न पत्र के 100 प्रश्नों में लगभग 16-18 प्रश्न इतिहास से संबंधित होता है। इन प्रश्नों में इतिहास के छात्र को कोई विशेष तैयारी की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि ये सारे प्रश्न इतिहास वैकल्पिक विषय में समावेशित हैं। मुख्य परीक्षा में, सामान्य अध्ययन के प्रथम प्रश्न पत्र में लगभग 60-75 अंक के प्रश्न सीधे इतिहास वैकल्पिक विषय से संबंधित होते हैं। इन प्रश्नों का उत्तर भी एक विद्यार्थी जिसका इतिहास वैकल्पिक विषय है, बगैर किसी तैयारी के दे सकता है।

इतिहास वैकल्पिक विषय का पाठ्यक्रम 1992 तक की घटनाओं को समावेशित करता है। समकालीन भारत और समकालीन विश्व के विद्यार्थी को अंतरराष्ट्रीय संबंध के कई मुद्दों में गहरी समझ विकसित कराता है। जैसे कि शीत युद्ध और भारत की विदेश नीति। इतिहास हमें विश्व के कई प्रमुख राष्ट्रों के बारे में विशेष समझ विकसित कराता है। जैसे कि अमेरिकी क्रांति अमेरिका के बारे में, फ्रांसीसी क्रांति फ्रांस के बारे में इत्यादि।

इस वैकल्पिक विषय में अच्छे अंक लाने के लिए विद्यार्थी को अच्छी रणनीति अपनानी चाहिए। इस विषय में विद्यार्थी को वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखना चाहिए न की समझने का दृष्टिकोण। चूकि इस विषय का पाठ्यक्रम निर्धारित परंपरागत और स्थाई है विद्यार्थी को इसके संदर्भ में विकासशील और नया दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

चूंकि इतिहास विषय का पाठ्यक्रम निश्चित और परिभाषित हैं इसीलिए विद्यार्थी को इस विषय की तैयारी में तथा प्रश्नों की प्रवृत्ति निर्धारित करने में सरलता होती है। फलस्वरुप विद्यार्थी इस विषय में अच्छे अंक ला सकता है।

इतिहास वैकल्पिक विषय को किसी भी शैक्षणिक पृष्ठभूमि का विद्यार्थी आसानी से पढ़ सकता है। इतिहास के लिए शैक्षणिक पृष्ठभूमि की कोई आवश्यकता नहीं है। इस विषय के लिए नितांत आवश्यक है वैज्ञानिक दृष्टिकोण। अतः जिस भी विद्यार्थी में वैज्ञानिक दृष्टिकोण है, वह इस वैकल्पिक विषय का चुनाव कर सकता है।