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लोक प्रशासन (वैकल्पिक-विषय)

फीस –  30,000/-

पंजीकरण –  10,000/-

 

 

सिविल सेवा परीक्षा में लोक प्रशासन एक विषय के रूप में शामिल किये जाने से लेकर अब तक छात्रों में सबसे ज्यादा लोकप्रिय विषय रहा है।
लोक प्रशासन एक बहुआयामी विषय है। लोक प्रशासन विषय में मनोविज्ञान, अर्थव्यवस्था, समाजशास्त्र, प्रबंधशास्त्र, राजनीति विज्ञान, कानून, मानव विज्ञान इत्यादि विषयों की संकल्पनाये और तथ्य समाहित है।

लोक प्रशासन विषय की यह विशेषता है कि इसमें सीमित संकल्पनायें और तथ्य है। एक विद्यार्थी को अन्य विषयों के भांती ढेर सारे तथ्य याद नहीं करने पड़ते।

इस विषय के पाठ्यक्रम की अंतर्निहितता भी इसकी एक विशेष पहचान है। दूसरे शब्दों में, अगर विद्यार्थी ने किसी एक खंड में अगर कोई संकल्पन पढ़ा है तो उसका उपयोग अन्य खंडो में भी है।

लोक प्रशासन विषय के अध्ययन के लिए विद्यार्थी को कोई लंबे किताबों की सूची को नहीं पढ़ना पड़ता है। इस विषय के लिए कुल 3-4 आधरभूत पुस्तकें ही पूरे पाठ्यक्रम को समझने के लिए पर्याप्त है। संस्थान के तरफ से भी गुणवत्तापूर्ण पाठ्य सामग्री प्रदान की जाएगी, जो सिविल सेवा परीक्षा के लिए पर्याप्त होगी।

वर्ष 2013 में, सिविल सेवा परीक्षा प्रणाली में हुए परिवर्तन के उपरांत, लोक प्रशासन एक ऐसा विषय है जो सामान्य अध्ययन के पाठ्यक्रम के लिए सबसे ज्यादा प्रासंगिक है।

प्रारंभिक परीक्षा में, सामान्यतः आज राज्य व्यवस्था के 15 प्रश्न आते हैं, जो कि लोक प्रशासन से सीधे संबंधित होते हैं।
मुख्य परीक्षा में, सामान्य अध्यन के द्वितीय प्रश्न पत्र में अंतर्राष्ट्रीय संबंध को छोड़कर सारे विषय वस्तु लोक प्रशासन से संबंधित है। तृतीय प्रश्न पत्र में आंतरिक सुरक्षा, लोक प्रशासन के पाठ्यक्रम में समाहित है। सामान्य अध्ययन के चौथे प्रश्न पत्र में भी 50 प्रतिशत से ज्यादा पाठ्यक्रम लोक प्रशासन से संबंधित है।

मुख्य परीक्षा में निबंध का प्रश्न पत्र छात्रों के विचार में प्रवाह, विचारों में अंतरसंबंध्ति पर आधरित है। लोक प्रशासन विषय का स्वरूप निश्चित रुप से इसमें भी सहायता प्रदान करता है। साथ ही साथ निबंध के विषय वस्तु भी लोक प्रशासन से संबंधित होते हैं।

न्च्ैब् की परीक्षा में, लोक प्रशासन विषय के संदर्भ में यह भी तथ्य अत्यधिक प्रासंगिक है कि लोक प्रशासन में विद्यार्थी को या तो अच्छे अंक मिलते हैं, या खराब अंक मिलते हैं। इसके बारे में यह सर्वविदित तथ्य है कि उन छात्रों को अच्छे अंक आते हैं जिनकी इस विषय पर गहरी समझ है और वह समसमायिकी से पूर्णता भिज्ञ है। समझ में कमी और समसमायिकी में कम पकड़ छात्रों को अच्छे अंक नहीं दिलाते। जिन्हें कम अंक आते हैं वह इस विषय को दोष देते हैं, परंतु लोक प्रशासन का इस में कुछ भी दोष नहीं।

लोक प्रशासन एक विषय के रूप में उनके लिए अति प्रासंगिक है जो संकल्पनाओं को समझने में ज्यादा विश्वास रखते हैं न कि उसे याद करने में। यह विषय उन छात्रों के लिए विशेष है जिनमें अभिव्यक्ति का कौशल है। अतः छात्र वैकल्पिक विषय को चुनने से पहले अपने अभिरुचि और कौशल को पहचाने।