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समाजशास्त्र (वैकल्पिक-विषय)

फीस –  30,000/-

पंजीकरण –  10,000/-

 

 

समाजशास्त्र सिविल सेवा परीक्षा में हमेशा से ही एक लोकप्रिय विषय रहा है। यह विषय समाज के विभिन्न आयामों को अपने पाठ्यक्रम में समावेशित करता है। इस विषय से हमें भारतीय समाज को समझने में विशेष सहायता मिलती है। इस विषय के विभिन्न विषय वस्तु हमारे दिन प्रति दिन के घटनाओं से संबंधित होते हैं, अतः यह विषय विद्यार्थी को पढ़ने में रुचिकर होता है। समाजशास्त्र का सीमित पाठ्यक्रम, सुलभ मार्गदर्शन तथा अध्ययन सामग्री की उपलब्धता, इस विषय को लोकप्रिय बनाता है। निबंध और सामान्य अध्ययन मिलाकर, मुख्य परीक्षा में लगभग 300 अंक समाजशास्त्र से संबंधित होता है।

सामान्य अध्यन के प्रथम प्रश्न पत्र में लगभग 50-60 अंक के प्रश्न भारतीय समाज से आते हैं। इन प्रश्नों में वह विद्यार्थी जिसका यह वैकल्पिक विषय है, निश्चित रुप से अन्य विद्यार्थियों के तुलना में बगैर किसी तैयारी के अच्छा प्रदर्शन करता है।

वर्तमान समय में कई प्रशासनिक समस्याओं को सामाजिक दृष्टिकोण से देखा जा रहा है। यही कारण है कि सामान्य अध्ययन के विभिन्न खंडों में सामाजिक दृष्टिकोण से ज्यादा प्रश्न पूछे जा रहे हैं।
निबंध के प्रश्न पत्र में निश्चित रुप से कोई न कोई शीर्षक सामाजिक मुद्दे से संबंधित होता है। निबंध के किसी अन्य शीर्षक में भी समाजशास्त्र का विद्यार्थी समाजिक पहलू का अच्छा विश्लेषण करता है।
साक्षात्कार के समय भी कई प्रश्न पूछे जाते हैं जिनका सामाजिक दृष्टिकोण से अच्छा उत्तर दिया जा सकता है।

समाजशास्त्र विषय के लिए विद्यार्थी को इस विषय में शैक्षणिक पृष्ठभूमि की कोई आवश्यकता नहीं हैं। ऐसे अनेक उदाहरण उपलब्ध हैं, जिसमें विद्यार्थी समाजशास्त्र की पृष्ठभूमि न होने के बावजूद भी समाजशास्त्र में अच्छे अंक लाये और सिविल सेवा में उच्च स्थान पर चयनित हुए। समाजशास्त्र में उचित मार्गदर्शन, अपने विचार को क्रमबद्ध तरीके से रखने की कला तथा 4-5 माह का गहन अध्ययन एक विद्यार्थी के लिए अच्छे अंक लाने के लिए पर्याप्त है। समाजशास्त्र एक सामाजिक विषय होते हुए, कुछ विद्यार्थियों ने इसमें विज्ञान के विषयों जैसे अंक लाने का कीर्तिमान रहता है।

समाजशास्त्र सिविल सेवा परीक्षा में एक लोकप्रिय विषय है। ताजे आंकड़ों के अनुसार लगभग 2490 विद्यार्थी समाजशास्त्र विषय के साथ सिविल सेवा परीक्षा में सम्मिलित हुए और उनमें से 230 विद्यार्थियों ने सफलता पाई। सिविल सेवा में समाजशास्त्र का सफलता दर अत्यधिक संतोषप्रद हैं।

इस विषय के लिए आवश्यक है कि विद्यार्थी महत्वपूर्ण संकल्पनाओं को आत्मसात करे और उसका कथोउचित अनुप्रयोग करे। समसमायिकी घटना से इन मूल संकल्पनाओं को और संबंधित किया जा सकता है। समाजशास्त्र विषय से हमें समसमायिकी घटनाओं को समझने में आसानी होती है। सिविल सेवा परीक्षा में समसमायिकी घटनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। अतः समाजशास्त्र सिविल सेवा परीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है।

समाजशास्त्र विषय के संदर्भ में एक विद्यार्थी को कुछ सावधनी रखनी होगी। विषय के कई मुद्दे जहां एक विद्यार्थी का कुछ व्यक्तिगत दृष्टिकोण हो सकता है, यह व्यक्तिगत दृष्टिकोण हमारे उत्तर में आ सकता है, परंतु परीक्षा की आवश्यकता एक संतुलित दृष्टिकोण की है। इसीलिए छात्र को विभिन्न सामाजिक मुद्दों में अपने व्यक्तिगत दृष्टिकोण को छोड़कर, विषय को एक व्यापक दृष्टिकोण से पढ़ना चाहिए।