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गोबर्धन योजना

 1फरवरी 2018 को अपने बजट भाषण में वित्तमंत्री महोदय ने महत्वाकाँक्षी ‘गोबर्धन योजना’ की शुरुआत की।

गोबर्धन दो शब्दों से मिलकर बना है, GOVAR+DHAN जिसका आश्य, गेल्वेनाजिंग ओर्गानिक बायो एग्रो रिसोर्स धन है।

ऐतिहासिक परिपेक्ष्य

 

 गोबर्धन पूजा के पौराणिक महत्व से शायद ही कोई भारतीय अनजान होगा। दीपावली के अगले दिन भारत के ही नहीं बल्कि विश्व के अन्य देशों में भी गोबर्धन पूजा की जाती है। पुराणिक कथा अनुसार श्री कृष्ण ने इस दिन इंद्र की आराधना से इंकार करके गोबर्धन की पूजा प्रारम्भ की, इससे इंद्र देवता क्रोधित हो गए और सारे ब्रिज क्षेत्र में मूसलाधार वर्षात आरम्भ कर दी। लोगों की जान बचाने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने गोबर्धसन पर्वत को अपनी अंगुली पर धारण करके सारे ब्रज को इंद्र के कोप से बचाया।उत्तर भारत के सम्पूर्ण हिस्से में गोबर्धन पूजा का विशेष आयोजन किया जाता है।सारा ब्रज मंडल श्री कृष्ण की आराधना में तराबोर होकर गोबर्धन की विशेष परिक्रमा करता है।स्त्रियां लोकगीत गाते हुए गोबर से गोबर्धन बनाती हैं और मोरपंख आदि से उसे मोहक रूप प्रदान करती हैं।

गोबर्धन योजना का उद्देश्य

इस योजना का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण जनसंख्या को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और स्वच्छ भारत अभियान के तहत गांवों में साफ सफाई को बढ़ावा देना है।

गोबर्धन योजना के लाभ

  • इस योजना के माध्यम से लगभग 115 जिलों में पशुओं के मल मूत्र एवं घर के अन्य कचरे व् अपशिष्ट पदार्थों को इकठ्ठा करके उसे जैविक खाद का रूप दिया जायेगा।उस खाद को किसान अपने खेतों में प्रयोग कर सकेंगे।इससे किसान रासायनिक खाद के अतिरिक्त खर्चे से बच सकेंगे।
  • पशुओं के अपशिष्टों में बायो गैस भरपूर मात्रा में होती है जिससे ईंधन की स्थानीय जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा।
  • गांव की सीमा में प्रवेश करते ही चारों और गोबर कूड़े के ढेर नजर आते हैं इससे गांव का पूरा परिवेश दूषित होता है और कई बीमारियां फैलने का खतरा हरदम बना रहता है।इस योजना के आने से स्वच्छता के स्तर में व्यापक सुधार होगा और गांव में सरंचनात्मक बदलाव आएगा।
  • व्यापक स्तर पर लोगों को रोजगार मिलेगा।
  • किसानों की आय को 2022 तक दुगुना करने में मदद मिलेगी।
  • जैविक खेती को प्रोत्साहन मिलेगा जिससे किसानों की प्रति हेक्टेयर उपज को बढ़ाया जा सकेगा।
  • किसानों में उद्यमशीलता का प्रसार किया जा सकेगा।

निष्कर्ष

भारत सरकार द्वारा शुरू की गई गोबर्धन योजना,कृषि एवं किसानों के जीवन स्तर में उत्थान भरा कदम साबित होगा। सरकार को चाहिए कि वह इसके लिए समुचित धन मुहैया कराए और दिशानिर्देशों का एक ऐसा सेट तैयार करे जिससे भारत का गरीब से गरीब और अंगूठा टेक व्यकि भी इसका लाभ ले सके।