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अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक वर्गां के विद्यार्थियां के लिए विशेष कोर्स

 

हमारे इस कोर्स का प्रमुख उद्देश्य है कि इस समुदाय के मेधावी विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन द्वारा सिविल सेवा परीक्षा के लिए तैयार किया जाये। हमें महसूस होता है कि इन वर्गों के बहुसंख्यक विद्यार्थी मंहगें मार्गदर्शन का खर्च वहन नहीं कर पाते। हमारा प्रयास है कि ऐसे मेधावी छात्रों को योग्यता तथा तार्किक आधार पर शुल्क में रियायत प्रदान करके हम उसी गुणवत्ता का मार्गदर्शन करे।

विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन देने के लिए किसी निजी संस्था को शुल्क लेना आवश्यक होता है। हम इन कोर्सों के लिए इन वर्गां से उतना ही शुल्क लेंगे जो इस समुदाय के विद्यार्थी सहजता से दे सकें। अगर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में कोई आर्थिक कमी आती है तो संस्थान इन वर्गां के लिए सामाजिक संस्थानों से आर्थिक सहायता लेगी।

इन कोर्सों में हम विद्यार्थियों को 50 प्रतिशत तक शुल्क में रियायत प्रदान कर सकते है। शुल्क में रियायत का प्रमुख आधार योग्यता और आवश्यकता होगी।

साधारणतया हम सोचते हैं कि कम शुल्क की सेवा गुणवत्तापूर्ण नहीं होगी। संस्थान पूर्णरूप से उच्च गुणवत्तापूर्ण सेवा जो अन्य संस्थानों में उच्च शुल्कों में उपलब्ध है को प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारे संस्थान के विषय-विशेषज्ञ जो अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से जुडे हैं, ही अध्यापन करेंगें।

यह कोर्स प्रमुखरूप से उन विद्यार्थियों के लिए है जो अपनी मदद खुद करना चाहते हैं। जैसा कि हम जानते हैं कि हमारी सफलता हमारे प्रयासों पर निर्भर करती है। यह कोर्स सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को प्रेरित करने के लिए है कि वे कैसे अपने प्रयासां से परीक्षा मे सफल हों।

 

विद्यार्थियो के लिए उपलब्ध पाठ्यक्रम

  1. सामान्य अध्ययन बैच ( अधिक जानकारी के लिए Click करें )
  2. सामान्य अध्ययन फाउंडेशन बैच ( अधिक जानकारी के लिए Click करें )
  3. एकीकृत फाउंडेशन बैच ( अधिक जानकारी के लिए Click करें )

 

शुल्क में रियायत
1. 7.5 प्रतिशत, अगर विद्यार्थी ने 10वीं कक्षा में प्रथम श्रेणी या 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किये है।
2. 7.5 प्रतिशत, अगर विद्यार्थी ने 10़2 वीं कक्षा में प्रथम श्रेणी या 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किये है।
3. 7.5 प्रतिशत, अगर विद्यार्थी ने स्नातक में प्रथम श्रेणी या 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किये है।
4. 7.5 प्रतिशत, अगर विद्यार्थी ने परास्नातक में प्रथम श्रेणी या 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किये है।
5. 20 प्रतिशत, अगर विद्यार्थी की पारिवारिक आय 2.5 लाख से कम है।